CROPIC भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत शुरू की गई एक अभिनव पहल है। इसे भारतीय कृषि में फसल निगरानी, उपज मूल्यांकन और बीमा दावा सत्यापन के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मोबाइल तकनीक और क्लाउड कंप्यूटिंग का लाभ उठाते हुए, CROPIC किसानों द्वारा ली गई जियो-टैग की गई तस्वीरों के माध्यम से वास्तविक समय, जमीनी स्तर पर डेटा संग्रह को सक्षम बनाता है। इन छवियों का विश्लेषण AI मॉडल द्वारा फसल के प्रकार, इसकी वर्तमान वृद्धि अवस्था और जैविक या अजैविक तनाव के संकेतों का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसके बाद समय पर निर्णय लेने के लिए केंद्रीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से विभिन्न हितधारकों-किसानों, बीमाकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों के लिए जानकारी सुलभ कराई जाती है। यह कैसे काम करता है 1. फोटो कैप्चर किसान या फील्ड एजेंट फसल के मौसम के दौरान पूर्वनिर्धारित अंतराल पर अपने फसल भूखंडों की 4-5 जियो-टैग की गई तस्वीरें लेते हैं। 2. क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड करें
छवियाँ और बुनियादी मेटाडेटा (स्थान, तिथि, समय, फसल का नाम) CROPIC मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड किए जाते हैं।
3. AI छवि विश्लेषण
क्लाउड-आधारित AI इंजन प्रत्येक फ़ोटो का विश्लेषण करता है:
o फसल के प्रकार की पहचान करें
o विकास चरण का पता लगाएँ
o कीटों, बीमारियों या सूखे/बाढ़ के तनाव का विश्लेषण करें
o संभावित उपज को प्रभावित करने वाली विसंगतियों को चिह्नित करें
4. डेटा विज़ुअलाइज़ेशन
संसाधित डेटा एक केंद्रीय वेब डैशबोर्ड में उपयोग के लिए प्रदर्शित किया जाता है:
o बीमा कंपनियाँ
o सरकारी एजेंसियाँ (राज्य/भारत सरकार)
o PMFBY प्रशासक
o जिला-स्तरीय कृषि अधिकारी
5. दावे और निगरानी
डेटा उपज अनुमान मॉडल और क्षति मूल्यांकन प्रक्रियाओं में फ़ीड करता है,
बीमा दावा अनुमोदन और नीति निर्णयों में तेज़ी लाता है।